उज्बेकिस्तान में दिखा भारतीय संस्कृति के प्रति गहरा लगाव: ताशकंद यात्रा को याद कर बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि उज्बेकिस्तान की जनता में भारतीय संस्कृति, संगीत, सिनेमा और परंपराओं के प्रति असाधारण लगाव और आत्मीयता देखने को मिलती है। अपनी ताशकंद यात्रा के प्रेरक संस्मरणों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच यह सांस्कृतिक जुड़ाव केवल कूटनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि सदियों पुराने जन-जन के आपसी विश्वास पर आधारित है।

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि ताशकंद में स्थानीय नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं और कलाकारों द्वारा भारतीय शास्त्रीय संगीत, बॉलीवुड गीतों और हिंदी भाषा के प्रति जो उत्साह दिखाया जाता है, वह दोनों सभ्यताओं के गहरे संबंधों का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने कहा कि योग, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और भारतीय कला रूपों की लोकप्रियता ने उज्बेकिस्तान में भारत के प्रति एक विशेष सम्मान और आदर का भाव पैदा किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत की ‘मध्य एशिया नीति’ में उज्बेकिस्तान एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शैक्षणिक आदान-प्रदान, पर्यटन, डिजिटल सहयोग और सांस्कृतिक कूटनीति के माध्यम से दोनों देशों के रिश्ते आने वाले समय में और अधिक सशक्त होंगे। यह मजबूत सांस्कृतिक सेतु दोनों देशों के साझा भविष्य और क्षेत्रीय शांति के लिए एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है।

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