वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की राजधानी पेरिस की वर्तमान सामाजिक और जनसांख्यिकीय स्थिति को लेकर एक बड़ा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने अपने संबोधन में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यूरोप में जारी आव्रजन की मौजूदा गति और नीतियों के कारण पेरिस जल्द ही पूरी तरह से एक मुस्लिम शहर में तब्दील हो जाएगा।
ट्रंप ने पश्चिमी देशों की वर्तमान आव्रजन नीतियों की तीखी आलोचना करते हुए तर्क दिया कि अनियंत्रित प्रवासन के चलते यूरोपीय देशों की ऐतिहासिक पहचान, संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने पर गहरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि फ्रांस जैसे प्रमुख यूरोपीय देशों ने अपनी सीमाओं और आव्रजन नियमों पर जिस तरह ढिलाई बरती है, उसके दीर्घकालिक परिणाम अब वहां के शहरों के जनसांख्यिकीय स्वरूप में बदलाव के रूप में स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं।
उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। जहां एक ओर उनके समर्थकों ने इसे राष्ट्रीय पहचान और सख्त सीमा नियंत्रण की आवश्यकता से जुड़ा सटीक आकलन बताया है, वहीं आलोचकों और मानवाधिकार समूहों ने इसे अनुचित ध्रुवीकरण और अनावश्यक डर फैलाने वाला बयान करार दिया है। इस टिप्पणी ने यूरोप और अमेरिका दोनों जगहों पर आव्रजन नीतियों को लेकर चल रहे विमर्श को और तेज कर दिया है।











