मनामा/कुवैत सिटी/अम्मान: पश्चिम एशिया में ईरान द्वारा पड़ोसी देशों के हवाई क्षेत्र और ठिकानों को निशाना बनाने के आक्रामक दावों के बाद खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। ईरान की ओर से किए गए सैन्य दावों के तुरंत बाद बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की सरकारों ने आधिकारिक बयान जारी कर तेहरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। इन देशों ने साफ किया है कि वे अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं और किसी भी विदेशी ताकत को अपने देश के आसमान का इस्तेमाल क्षेत्रीय शांति को भंग करने के लिए नहीं करने देंगे।
बहरीन के रक्षा मंत्रालय ने ईरान के दावों को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए कहा कि देश की एयर डिफेंस प्रणाली पूरी तरह हाई-अलर्ट पर है और किसी भी हवाई घुसपैठ का कड़ा जवाब दिया जाएगा। वहीं, कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और रक्षा अधिकारियों ने साफ किया कि कुवैत की धरती या हवाई क्षेत्र का उपयोग किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं किया जा रहा है। जॉर्डन की सरकार ने भी कड़ा संदेश देते हुए कहा कि उसका आसमान किसी भी देश के लिए युद्ध का मैदान नहीं बनेगा और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
खाड़ी देशों का यह एकजुट और कड़ा रुख उन कट्टरपंथी और विस्तारवादी ताकतों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो पूरे मिडिल ईस्ट को युद्ध की आग में झोंकना चाहती हैं। ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) के इस दौर में इन देशों ने यह साबित कर दिया है कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी दबाव के आगे घुटने नहीं टेकेंगे। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह आक्रामक नीति न केवल खाड़ी क्षेत्र के नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को खतरे में डाल रही है, बल्कि वैश्विक व्यापारिक मार्गों को भी अस्थिर कर रही है, जिसका जवाब देने के लिए अब सभी अरब देश पूरी मुस्तैदी से एक साथ खड़े हो गए हैं।











