होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। मंत्रालय ने नागरिकों से साफ कहा है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी करने से बचें और किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। देशभर में ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग लगभग 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है और अधिकांश वितरक केंद्र रविवार को भी खुले रहे ताकि निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
मार्च 2026 से अब तक देशभर में 1.28 लाख से अधिक छापे मारे गए हैं और 59,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जो यह दर्शाता है कि सरकार जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ पूरी सख्ती से काम कर रही है। सरकार ने अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और फार्मा-इस्पात जैसे जरूरी उद्योगों को व्यावसायिक एलपीजी में प्राथमिकता दी है। प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल की आपूर्ति दोगुनी कर दी गई है।
रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दिया गया है। केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगारेनी कोलियरीज को राज्यों को अतिरिक्त कोयला आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने नागरिकों से ऊर्जा की बचत करने और डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की अपील भी की है।











