बेंगलुरु: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के ऐतिहासिक मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान ‘गगनयान’ से पहले अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर गए भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष से पृथ्वी का अद्भुत और भावनात्मक वीडियो संदेश साझा किया है। उन्होंने बादलों के बीच पृथ्वी के प्राकृतिक दृश्यों और अंतरिक्ष में दीपोत्सव के अनुभव का विवरण देशवासियों के साथ साझा किया।
कक्षा में अपने प्रवास के दौरान शुक्ला माइक्रोग्रैविटी के मानव शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों, पादप वृद्धि और उन्नत वैज्ञानिक परीक्षणों पर काम कर रहे हैं। इन प्रयोगात्मक डेटा का सीधा उपयोग इसरो के आगामी स्वतंत्र मानव अंतरिक्ष अभियानों की जीवन रक्षक प्रणालियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल को और बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
वैज्ञानिक समुदाय ने इस मिशन को भारत के मानवयुक्त अंतरिक्ष अन्वेषण कार्यक्रम के लिए एक मील का पत्थर बताया है। इस सफलता से न केवल देश के अंतरिक्ष यात्रियों का तकनीकी कौशल वैश्विक स्तर पर सिद्ध हुआ है, बल्कि अंतरिक्ष अनुसंधान और उपग्रह विज्ञान के क्षेत्र में भारत की स्थिति और अधिक मजबूत हुई है।











