नोएडा के फेज-2 में सोमवार को भड़की मजदूर हिंसा का असर मंगलवार को भी बना रहा और कई स्थानों पर कर्मचारियों ने एक बार फिर बवाल किया। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में पत्थरबाजी और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, जिसके बाद भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
अब तक इस मामले में 60 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी श्रेणियों के मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी में संशोधन कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये, अर्ध-कुशल श्रमिकों की 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों की 16,868 रुपये प्रति माह कर दी गई है।
अन्य नगर निगम क्षेत्रों और शेष जिलों के लिए भी संशोधित दरें तय की गई हैं। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि यह निर्णय उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिश पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात मंजूरी दी। हालांकि प्रदर्शनकारी मजदूरों की मांग ₹26,000 न्यूनतम वेतन की है, जो अभी भी पूरी नहीं हुई है।











