नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल क्षेत्र के विकास के लिए एक ऐतिहासिक वित्तीय प्रावधान की घोषणा करते हुए खेलो इंडिया मिशन और राष्ट्रीय खेल महासंघों के लिए 36,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित किए जाने की जानकारी दी है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस व्यापक वित्तीय सहयोग का मुख्य उद्देश्य देश के खेल बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाना और युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता के नए अवसर प्रदान करना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारी भरकम आवंटन देश के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से उभरती प्रतिभाओं की पहचान, उनके आधुनिक प्रशिक्षण और अत्याधुनिक खेल सुविधाओं के निर्माण में निवेश किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि खेल संघों और प्रशिक्षण केंद्रों को आवश्यक वित्तीय स्वायत्तता व तकनीकी संसाधन मिलने से एथलीटों को ओलंपिक, एशियाई खेलों और अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं के लिए पेशेवर तरीके से तैयार करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा वैश्विक स्तर पर अर्जित की गई उपलब्धियों ने देश में एक नई खेल संस्कृति को जन्म दिया है। यह नया आवंटन न केवल देश को एक प्रमुख वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि खेल क्षेत्र में आजीविका और स्वरोजगार के व्यापक नए मार्ग भी प्रशस्त करेगा।











