रांची: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन और अधिक हिंसक एवं उग्र रूप ले चुका है। राजधानी रांची में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए बढ़े हजारों प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन (पानी की बौछारें) का इस्तेमाल करना पड़ा। भारी बैरिकेडिंग को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे आक्रोशित अभ्यर्थियों और सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।
प्रदर्शनकारी युवाओं का आरोप है कि राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर और पारदर्शिता की कमी से लाखों योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। कई दिनों से जारी शांतिपूर्ण सत्याग्रह के बावजूद कोई ठोस प्रशासनिक समाधान न निकलने से क्षुब्ध होकर हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। आंदोलनकारियों ने पूरी भर्ती प्रक्रिया की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राजधानी के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए तितर-बितर करने वाले तरीकों का इस्तेमाल करना पड़ा। दूसरी ओर, छात्र संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर पारदर्शी फैसला और आधिकारिक आदेश जारी नहीं होते, तब तक उनका यह राज्यव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।










