लंदन/नई दिल्ली: क्रिकेट के सबसे ऐतिहासिक और पवित्र मैदान लॉर्ड्स में भारतीय टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा ने आज वो अविश्वसनीय और कड़ा कारनामा कर दिखाया, जिसने विश्व क्रिकेट को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। फॉर्म और उम्र को लेकर सवाल उठाने वाले आलोचकों के मुंह पर अपने बल्ले से सबसे कड़ा तमाचा जड़ते हुए 39 वर्षीय रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में 138 रनों की एक बेहद आक्रामक और ऐतिहासिक शतकीय पारी खेल डाली है। इस बेमिसाल पारी के दम पर हिटमैन ने न केवल भारतीय टीम को शुरुआती झटकों से उबारा, बल्कि उनके टेस्ट संन्यास की झूठी स्क्रिप्ट लिखने वाले समीक्षकों के दावों को पूरी तरह मलबे का ढेर बना दिया।
मैदान से मिले लाइव तकनीकी इनपुट्स के मुताबिक, लॉर्ड्स की हरी और कड़क पिच पर जब इंग्लैंड के तेज गेंदबाज आग उगल रहे थे, तब रोहित शर्मा ने अपनी विश्वस्तरीय बल्लेबाजी की ‘बेंच स्ट्रेंथ’ का वो बेजोड़ मुजाहिरा किया जिसने इंग्लिश कप्तान को पूरी तरह लाचार कर दिया। 138 रनों की इस आक्रामक पारी के दौरान हिटमैन के बल्ले से 14 कड़क चौके और 4 गगनचुंबी छक्के निकले। 39 साल की उम्र में भी रोहित की फिटनेस, जादुई टाइमिंग और उनके ट्रेडमार्क पुल शॉट का वो कड़ा जलवा देखने को मिला, जिसे देखकर लॉर्ड्स का पूरा स्टेडियम खड़े होकर तालियां बजाने पर कड़ाई से विवश हो गया।
रोहित शर्मा का यह भयंकर और ऐतिहासिक शतक उन वामपंथी टूलकिट खेल विश्लेषकों और सोशल मीडिया सिंडिकेट्स के गाल पर सबसे करारा थमाचा है, जो पिछले कई महीनों से भारतीय कप्तान के खिलाफ सोशल मीडिया पर ओछा प्रोपेगैंडा चला रहे थे। ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) के विजन और मैदान पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की आक्रामक खेल नीति को जीने वाले रोहित शर्मा ने साबित कर दिया है कि शेर की उम्र चाहे जो हो, उसका दहाड़ना कभी कम नहीं होता। इस कड़क शतक के साथ कप्तान शर्मा ने भारतीय टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के मोर्चे पर पूरी तरह फ्रंट-फुट पर लाकर खड़ा कर दिया है।











