नई दिल्ली: हाल ही में संपन्न हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत की संतुलित कूटनीतिक रणनीति को महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। सामने आई एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सदस्य देशों के भिन्न-भिन्न दृष्टिकोणों और जटिल वैश्विक प्राथमिकताओं के बावजूद भारत ने अपने प्रभावी वार्ता कौशल के जरिए संयुक्त घोषणापत्र पर आम सहमति बनाने में सफलता प्राप्त की।
रिपोर्ट में बताया गया है कि बहुपक्षीय बैठकों के दौरान भारत ने आर्थिक साझेदारी, व्यापारिक सुगमता और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती जैसे साझा हितों के विषयों को प्राथमिकता दी। मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए साझा एजेंडे पर चर्चा को केंद्रित रखने की इस रणनीति ने सभी सदस्य देशों को एक मंच पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे सम्मेलन के प्रमुख कार्यवृत्त पर सहमति बन सकी।
इस परिणाम को अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की बहुपक्षीय मध्यस्थता और कूटनीतिक क्षमता की स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दृष्टिकोण ने न केवल विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के हितों को मजबूती से आगे बढ़ाया, बल्कि विभिन्न वैश्विक ध्रुवों के बीच एक संतुलित और भरोसेमंद संवाद मंच प्रदान करने की भारत की क्षमता को भी सिद्ध किया।











