भारत-यूएई समझौते रणनीतिक साझेदारी को देंगे नई मजबूती: पीएम मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को बताया ‘वैश्विक शांति का आधार’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ हुए हालिया समझौतों को दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक साझेदारी में एक नया मील का पत्थर बताया है। अपनी यात्रा के समापन पर मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत और यूएई के बीच हुए ये समझौते न केवल व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती देंगे, बल्कि रक्षा, नवाचार और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में भी सहयोग के नए द्वार खोलेंगे। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल भुगतान प्रणालियों के एकीकरण और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार (LCS) को बढ़ावा देने वाले समझौतों का जिक्र किया, जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच लेन-देन को सुगम और पारदर्शी बनाएंगे। पीएम मोदी के अनुसार, भारत और यूएई का बढ़ता तालमेल वैश्विक स्तर पर स्थिरता और शांति बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, विशेषकर तब जब दुनिया ऊर्जा संकट और आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और यूएई के संबंध केवल खरीदार-विक्रेता के स्तर से ऊपर उठकर एक गहरी रणनीतिक साझेदारी में बदल गए हैं। ‘कंप्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट’ (CEPA) के विस्तार और हरित ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में किए गए नए निवेशों से दोनों देशों के स्टार्टअप्स और उद्योगों को भारी लाभ होगा। पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ हुई चर्चाओं को अत्यंत फलदायी बताया और कहा कि यह सहयोग आने वाले दशकों में दोनों देशों के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि खाद्य सुरक्षा गलियारे (Food Security Corridor) और रक्षा उत्पादन में संयुक्त सहयोग की दिशा में उठाए गए कदम आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और अधिक शक्ति प्रदान करेंगे। यह दौरा अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक शक्ति और खाड़ी देशों के साथ इसके अटूट विश्वास का प्रमाण है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here