अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले साल हुए एयर इंडिया के भीषण विमान हादसे की जांच अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शुक्रवार को गांधीनगर के गिफ्ट सिटी (GIFT City) में आयोजित एक शिखर सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए बताया कि इस दर्दनाक हादसे की अंतिम विस्तृत रिपोर्ट अगले एक महीने के भीतर आने की पूरी संभावना है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही यह जांच पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है और इसमें कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का सहयोग लिया गया है। चूंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान (अहमदाबाद से लंदन) थी, इसलिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप इस रिपोर्ट की बारीकी से समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी तकनीकी या मानवीय चूक को टाला जा सके।
गौरतलब है कि 12 जून 2025 को एयर इंडिया की उड़ान AI171, जो एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान था, ने अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने के कुछ ही पलों बाद नियंत्रण खो दिया था और मेघानी नगर स्थित आवासीय इमारतों व एक हॉस्टल परिसर पर गिर गया था। इस दिल दहला देने वाले हादसे में चालक दल के सदस्यों और यात्रियों सहित कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले थे कि उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान के दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति (Fuel Supply) बाधित हो गई थी। हालांकि, हाल ही में फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एक तकनीकी नोट सौंपकर यह सुझाव दिया है कि यह हादसा ‘पायलट की गलती’ नहीं, बल्कि एक ‘इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट’ के कारण हुआ हो सकता है, जिससे इंजनों की फ्यूल सप्लाई अपने आप बंद हो गई।
सरकार इस समय पीड़ित परिवारों को मुआवजे की प्रक्रिया और कानूनी सहायता प्रदान करने पर भी प्राथमिकता से काम कर रही है। नागरिक उड्डयन मंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में तकनीकी पहलुओं, पायलटों की प्रतिक्रिया और विमान के रखरखाव के इतिहास का गहन विश्लेषण शामिल होगा। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम रिपोर्ट न केवल हादसे के सही कारणों का खुलासा करेगी, बल्कि बोइंग ड्रीमलाइनर विमानों की सुरक्षा प्रणालियों को लेकर भी नए वैश्विक सुरक्षा मानक तय कर सकती है। पूरा देश और अंतरराष्ट्रीय विमानन समुदाय अब इस रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, ताकि पिछले एक साल से चल रहे कयासों पर विराम लग सके और दोषियों की जवाबदेही तय की जा सके।











