शहजाद पूनावाला ने स्पष्ट किए भाजपा छोड़ने के कारण: आर्थिक जिम्मेदारियों और भविष्य की योजनाओं पर रखी बात

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद अपनी वास्तविक परिस्थितियों और फैसले के पीछे की मुख्य वजहों को साझा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम किसी राजनीतिक मतभेद का परिणाम नहीं है, बल्कि निजी जिम्मेदारियों और आर्थिक वास्तविकताओं के चलते उठाया गया एक अनिवार्य निर्णय है। उन्होंने कहा कि एक पूर्णकालिक राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर 24 घंटे समर्पित रहना अब उनके लिए व्यावहारिक रूप से संभव नहीं रह गया था।

पूनावाला ने अपने वक्तव्य में कहा कि राजनीतिक दल कार्यकर्ताओं या प्रवक्ताओं को वेतन नहीं देते हैं, जबकि हर महीने घर का किराया, पारिवारिक जिम्मेदारियां और अपनी मां की देखभाल जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करना अनिवार्य होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी का काम किसी कार्यकर्ता का घर चलाना नहीं है, क्योंकि राजनीति कोई नौकरी नहीं बल्कि एक वैचारिक आंदोलन है। उन्होंने साफ किया कि पार्टी छोड़ने के बावजूद प्रधानमंत्री के विजन और संगठन की नीतियों के प्रति उनका वैचारिक समर्पण पहले की तरह ही अटूट बना हुआ है और वह भविष्य में निजी क्षेत्र में काम कर अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे।

कांग्रेस पार्टी में संभावित वापसी के सवाल पर उन्होंने किसी भी तरह की संभावना को खारिज करते हुए तंज भरे लहजे में कहा कि ऐसी स्थिति केवल तभी संभव हो सकती है जब पार्टी शीर्ष नेतृत्व में बुनियादी बदलाव करे और ऐतिहासिक भूलों को स्वीकार करे। उन्होंने रेखांकित किया कि वह किसी राजनीतिक घराने से नहीं आते हैं, इसलिए उन्हें अपने करियर और आजीविका की प्राथमिकताओं पर स्वयं ध्यान देना होगा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अपने संबंधों को सकारात्मक बताते हुए उन्होंने कहा कि वह स्वतंत्र रूप से समाज और राष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त करते रहेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here