नई दिल्ली: वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक सुस्ती के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक खबर सामने आई है। जुलाई महीने में देश के कुल व्यापारिक और सेवा निर्यात में 13.3 प्रतिशत की दर्ज की गई मजबूत वृद्धि के साथ कुल आंकड़ा 80 अरब 14 करोड़ डॉलर के पार पहुंच गया। निर्यात के मोर्चे पर यह लगातार बना हुआ सुधार भारतीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग और विनिर्माण क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है।
निर्यात में आई इस उल्लेखनीय तेजी का मुख्य श्रेय इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, पेट्रोलियम उत्पाद, वस्त्र और फार्मास्यूटिकल्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हुई रिकॉर्ड बिक्री को जाता है। इसके साथ ही, भारत के सेवा क्षेत्र ने भी अपने निर्यात में मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है, जिससे देश के चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार, नई व्यापार नीतियों, वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की बढ़ती भूमिका और बेहतर लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के कारण यह वृद्धि संभव हो सकी है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, घरेलू मोर्चे पर नीतियों में सुधार और नए वैश्विक बाजारों की खोज के चलते भारतीय निर्यातकों को बढ़त मिल रही है। हालांकि, दुनिया के कई बड़े देशों में जारी व्यापारिक चुनौतियों को देखते हुए सतर्क रहने की आवश्यकता भी जताई गई है। इसके बावजूद, जुलाई के ये आंकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि भारत का निर्यात क्षेत्र तेजी से वापसी कर रहा है और वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत कर रहा है।











