नई दिल्ली: नागरिक अधिकार संगठन सीजेपी से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की जमानत याचिका पर सक्षम अदालत में कुछ ही देर में सुनवाई होने वाली है। अदालत में पेशी की आधिकारिक प्रक्रिया के तहत पुलिस दोनों नेताओं को मंदिर मार्ग पुलिस थाने लेकर पहुंची है, जहां से उन्हें तय सुरक्षा घेरे के बीच सीधे संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।
दोनों नेताओं को जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने के आरोप में न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। हिरासत अवधि के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने उनकी नियमित रिहाई के लिए जमानत अर्जी दाखिल की है। मंदिर मार्ग थाने में आवश्यक कागजी और चिकित्सा औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद पुलिस दल उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के लिए आगे ले जाने की तैयारी में जुटा है।
मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली इस अहम सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष के बीच तीखी कानूनी बहस होने की संभावना है। जहां बचाव पक्ष शांतिपूर्ण विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार और हिरासत की अनावश्यकता का हवाला देकर जमानत की मांग करेगा, वहीं पुलिस प्रशासन जांच और कानून-व्यवस्था के हवाले से अपनी दलीलें पेश करेगा। अदालत का रुख दोनों नेताओं की तत्काल रिहाई या हिरासत जारी रखने को लेकर निर्णायक साबित होगा।











