दतिया: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुंवर घनश्याम सिंह ने एक कड़े मुकाबले में जीत हासिल कर बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को पराजित कर दिया। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह नए चेहरे पर दांव लगाने का बीजेपी का फैसला जमीनी स्तर पर पार्टी को भारी पड़ा। इस क्षेत्र में लंबे समय से प्रभावशाली रहे नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों और कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता ने बीजेपी की हार की राह आसान कर दी।
हालांकि, इस परिणाम को केवल नरोत्तम मिश्रा फैक्टर तक सीमित रखना पूरा सच नहीं होगा। कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह की व्यक्तिगत स्वच्छ छवि, राजघराने से जुड़ी पारंपरिक साख और सभी वर्गों में उनकी गहरी पैठ ने इस जीत में मुख्य भूमिका निभाई। कांग्रेस ने इस चुनाव में अभूतपूर्व एकजुटता दिखाते हुए जमीनी स्तर पर आक्रामक प्रचार किया, जिससे पार्टी अपने कैडर और निष्पक्ष मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक लाने में सफल रही।
इसके अलावा, क्षेत्र में लंबे समय से व्याप्त स्थानीय नागरिक समस्याएं, बेरोजगारी और सत्ता विरोधी लहर का फायदा भी कांग्रेस को मिला। दतिया के युवाओं और आम जनता ने बुनियादी ढाँचे और प्रशासनिक ढिलाई के खिलाफ मतदान कर अपने असंतोष का परिचय दिया। इस चुनावी जनादेश ने यह साफ कर दिया है कि स्थानीय समस्याओं और मजबूत प्रत्याशी के चयन के सामने केवल बड़े नामों की साख काम नहीं आती।











