प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की संक्षिप्त और अत्यंत महत्वपूर्ण यात्रा संपन्न कर अब नीदरलैंड के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी ने यूएई के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री सहयोग पर विस्तृत चर्चा की। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस यात्रा को ‘अत्यंत सफल’ करार देते हुए कहा कि समय की कमी के बावजूद इस दौरे से जो नतीजे निकले हैं, वे दूरगामी साबित होंगे। मंत्रालय के प्रवक्ता ने अबू धाबी में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति के बीच हुई मुलाकात ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई दी है। इस दौरान विशेष रूप से हाल ही में फुजैराह और होर्मुज की खाड़ी में हुए घटनाक्रमों के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।
पीएम मोदी की यह यात्रा तब हो रही है जब खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक हलचल तेज है। भारत और यूएई ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने और डिजिटल भुगतान प्रणालियों (जैसे UPI और JAYWAN) के विस्तार पर भी सहमति जताई है। विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि पीएम मोदी के इस दौरे से ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता सुनिश्चित करने में बड़ी मदद मिलेगी। अब नीदरलैंड में प्रधानमंत्री वहां के नेतृत्व के साथ व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। नीदरलैंड भारत का यूरोप में एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार है, और पीएम मोदी की इस यात्रा से डच कंपनियों के भारत में निवेश के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। भारतीय विदेश नीति के लिहाज से यह हफ्ता काफी सक्रिय रहा है, जहाँ एक ओर पड़ोसी देशों में नई सरकारों का गठन हो रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत वैश्विक शक्तियों के साथ अपने संबंधों को और प्रगाढ़ बना रहा है।











