प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उन खबरों का पुरजोर खंडन किया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि सरकार विदेश यात्रा पर कोई नया या अतिरिक्त टैक्स लगाने जा रही है। अपनी हालिया यूएई और नीदरलैंड यात्राओं के बीच, प्रधानमंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए इन दावों को “पूरी तरह गलत” और “भ्रामक” करार दिया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि ऐसी खबरें केवल जनता के बीच अनावश्यक भ्रम और चिंता पैदा करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं और इनका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है। प्रधानमंत्री ने देश के नागरिकों से अपील की कि वे इस तरह की आधारहीन सूचनाओं और ‘फेक न्यूज’ के शिकार न हों और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले आधिकारिक सरकारी स्रोतों से उसकी पुष्टि अवश्य करें। यह स्पष्टीकरण उस समय आया है जब एक कथित रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले भारतीयों पर भारी शुल्क लगाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में कड़े शब्दों में इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार ‘इज ऑफ ट्रैवल’ (Ease of Travel) को बढ़ावा देने और भारतीयों के लिए वैश्विक यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, न कि उस पर कोई अतिरिक्त बोझ डालने के लिए। उन्होंने इस घटना को डिजिटल युग में सूचनाओं के दुरुपयोग का एक उदाहरण बताया और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। सरकार के आधिकारिक सूत्रों और विदेश मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि कर ढांचे में ऐसा कोई भी बदलाव न तो प्रस्तावित है और न ही लागू किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह सीधा हस्तक्षेप उन अफवाहों को रोकने के लिए आवश्यक था जो पर्यटन और विमानन क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर सकती थीं। पीएम मोदी के इस बयान के बाद अब उन सभी कयासों पर पूरी तरह विराम लग गया है जो पिछले कुछ दिनों से विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर चर्चा का विषय बने हुए थे।











