तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में सोमवार, 18 मई 2026 को आयोजित एक भव्य और ऐतिहासिक समारोह में वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीडी सतीशन (V.D. Satheesan) ने केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई, जिसे सतीशन ने ईश्वर के नाम पर ग्रहण किया। इस भव्य समारोह के साथ ही केरल में पिछले एक दशक (10 साल) से जारी वामपंथी (LDF) शासन का अंत हो गया है और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सत्ता में धमाकेदार वापसी हुई है। हाल ही में संपन्न हुए 140 सदस्यीय केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने 102 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की थी, जिसके बाद कांग्रेस आलाकमान ने काफी विचार-विमर्श के बाद वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगाई। 61 वर्षीय सतीशन, जो पिछले पांच वर्षों (2021-2026) से विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में बेहद आक्रामक भूमिका निभा रहे थे, अब राज्य की कमान संभालेंगे।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के साथ उनके 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने भी आज पद की शपथ ली, जिसमें क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है। इस नई कैबिनेट में गठबंधन सहयोगी ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग’ (IUML) को 5 मंत्री पद दिए गए हैं, जबकि मुख्य पार्टी कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री पद रहेंगे। इसके अलावा रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP), केरल कांग्रेस और कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी (CMP) जैसी सहयोगी पार्टियों को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है। इस मंत्रिमंडल की खास बात यह है कि इसमें 14 नए चेहरों को शामिल किया गया है, साथ ही दो महिला मंत्रियों और अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के दो प्रतिनिधियों को भी जगह मिली है। शपथ ग्रहण के दौरान वामपंथी विचारधारा से जुड़े सहयोगी दलों के नेताओं—शिबू बेबी जॉन (RSP) और सी.पी. जॉन (CMP)—ने ईश्वर के बजाय सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान (Solemn Affirmation) किया, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने अंग्रेजी में शपथ ली।
इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए देशभर से राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा तिरुवनंतपुरम में लगा रहा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और के.सी. वेणुगोपाल के साथ-साथ कांग्रेस शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी विशेष रूप से समारोह में शामिल हुए। विपक्षी एकता की मिसाल पेश करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और वामपंथी दलों के नेता भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी और केंद्र सरकार की ओर से केरल के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री सतीशन सचिवालय पहुंचे और अपनी पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की, जहां उन्होंने युवाओं, पारदर्शी शासन और आर्थिक पुनरुद्धार पर आधारित ‘पुथुयुगा केरलम’ (नया युग केरल) बनाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।











