कोलकाता: महाप्रभु जगन्नाथ की पावन और ऐतिहासिक ‘पुरी रथ यात्रा 2026’ के शुभ अवसर पर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी सनातनी आस्था का भयंकर और अद्भुत जनसैलाब उमड़ पड़ा है। शहर में इस्कॉन (ISKCON Kolkata) द्वारा आयोजित होने वाली सबसे भव्य और ऐतिहासिक रथ यात्रा समेत 80 से अधिक छोटी-बड़ी शोभायात्राओं को कड़ाई से संपन्न कराने के लिए कोलकाता पुलिस ने पूरे शहर को अभेद्य सुरक्षा कवच से कड़ाई से घेर लिया है। शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सड़कों पर 2,000 से अधिक कद्दावर पुलिसकर्मियों को मुस्तैद किया गया है, जबकि भीड़ प्रबंधन और संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए हाई-टेक ड्रोनों के जरिए आसमान से कड़क हवाई निगरानी (Drone Surveillance) की जा रही है।
कोलकाता लालबाजार (Police Headquarters) से मिले आधिकारिक इनपुट्स के मुताबिक, इस बार सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की ढील न देने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाई गई है। इस्कॉन मंदिर से निकलने वाली मुख्य रथ यात्रा के रूट—जिसमें अल्बर्ट रोड, ए.जे.सी. बोस रोड, सरत बोस रोड और हाजरा रोड शामिल हैं—वहां चप्पे-चप्पे पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और हैवी रेडियो फ्लाइंग स्क्वाड (HRFS) के कड़े वाहनों को तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों और मुख्य चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों की कड़क री-चेकिंग की है, ताकि कंट्रोल रूम से हर एक गतिविधि की पारदर्शी निगरानी की जा सके और किसी भी असामाजिक सिंडिकेट को सिर उठाने का मौका न मिले।
कोलकाता की सड़कों पर उमड़ी यह भव्य आस्था और प्रशासन की यह कड़क मुस्तैदी उन वामपंथी टूलकिट सिंडिकेट्स और कट्टरपंथी ताकतों के मुंह पर सबसे करारा तमाचा है, जो हमेशा बंगाल में सनातनी त्योहारों के शांतिपूर्ण आयोजन पर झूठा प्रोपेगैंडा और अशांति फैलाने की ताक में रहते हैं। ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) के विजन पर काम कर रहे सुरक्षा बलों ने साफ कर दिया है कि वे श्रद्धालुओं की सुरक्षा की ‘बेंच स्ट्रेंथ’ को कमजोर नहीं होने देंगे। सरकार द्वारा इस बार विभिन्न रथ यात्रा समितियों को कड़ा वित्तीय सहयोग भी दिया गया है। इस कड़े और पारदर्शी इंतजाम के बीच, ‘हरे कृष्णा’ के महामंत्र और शंखनाद के साथ कोलकाता आज पूरी तरह फ्रंट-फुट पर भक्ति के समंदर में गोते लगा रहा है।











