वैश्विक तेजी के बावजूद किसानों को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया गया यूरिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेखांकित की सरकार की प्रतिबद्धता

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि क्षेत्र के प्रति केंद्र सरकार के अटूट संकल्प को दोहराते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उर्वरकों की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारत सरकार ने घरेलू स्तर पर किसानों पर इसका कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ने दिया। वैश्विक स्तर पर यूरिया और अन्य उर्वरकों के दाम कई गुना बढ़ने के बावजूद देश के अन्नदाताओं को बहुत ही रियायती और सस्ती दरों पर खाद की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की एक बोरी की वास्तविक कीमत जहां हजारों रुपये तक पहुंच गई थी, वहीं सरकार ने भारी सब्सिडी का भार खुद वहन करते हुए किसानों को यह लगभग 300 रुपये से भी कम दर पर उपलब्ध कराई। सरकार ने उर्वरक सब्सिडी के मद में लाखों करोड़ रुपये खर्च करके यह सुनिश्चित किया कि खेती की लागत सीमित रहे और किसानों की आजीविका पर किसी भी प्रकार का प्रतिकूल असर न पड़े।

सरकार के इन निरंतर प्रयासों का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना और खाद्य सुरक्षा को आत्मनिर्भर बनाना है। प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने, नैनो यूरिया का उपयोग बढ़ाने और रसायनों पर निर्भरता धीरे-धीरे कम करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समय पर बीज, सस्ती खाद और आधुनिक सिंचाई जैसी सुविधाएं मिलने से देश का किसान आज रिकॉर्ड उत्पादन कर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here