नई दिल्ली: इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ने विश्वास व्यक्त किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बड़े पैमाने पर जन-जन तक पहुंचाने में भारत पूरी दुनिया का नेतृत्व करेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि देश की व्यापक डिजिटल अवसंरचना और विशाल जनसंख्या के कारण यहां आधुनिक तकनीक को जमीनी स्तर पर लागू करने की अभूतपूर्व क्षमता मौजूद है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का दृष्टिकोण एआई को केवल विशिष्ट वर्गों तक सीमित रखने के बजाय स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और वित्तीय सेवाओं जैसे बुनियादी क्षेत्रों में समाधान प्रस्तुत करने पर केंद्रित होना चाहिए। देश में पहले से स्थापित डिजिटल सार्वजनिक ढांचे के बल पर एआई आधारित सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुलभ और किफायती तरीके से पहुंचाया जा सकता है।
नंदन नीलेकणि के अनुसार, विशाल डेटा तंत्र और भाषाई विविधता के बावजूद तकनीकी नवाचारों को सहजता से अपनाने की भारतीय नागरिकों की प्रवृत्ति इस लक्ष्य को हासिल करने में मददगार बनेगी। उन्होंने कहा कि सही रणनीतिक प्राथमिकताओं और लोक-हितैषी नीतियों के साथ भारत वैश्विक स्तर पर यह साबित कर सकता है कि अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग सामाजिक सशक्तिकरण के लिए किस प्रकार किया जाना चाहिए।











