नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के अति-सुरक्षित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के राजनीतिक विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को औपचारिक पत्र सौंपा है। यह कदम आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा प्रधानमंत्री आवास की तरफ 100 लोगों के साथ मार्च निकालने की घोषणा के बाद उठाया गया है।
सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों के अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रमुख से मुलाकात कर ज्ञापन में स्पष्ट किया कि लोक कल्याण मार्ग और पीएम आवास जैसे संवेदनशील इलाके सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे इलाकों में राजनीतिक रैलियों या मार्च की अनुमति देने से सुरक्षा इंतजामों पर अवांछित दबाव पड़ता है, जिससे किसी भी अनहोनी या सुरक्षा में चूक की संभावना बढ़ जाती है।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने मांग की है कि उच्च सुरक्षा वाले इन क्षेत्रों में बिना मंजूरी होने वाले किसी भी मार्च को तुरंत प्रभाव से रोका जाए। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि सार्वजनिक प्रदर्शनों के लिए केवल जंतर-मंतर जैसे पूर्व-निर्धारित स्थलों का ही उपयोग करने के लिए सख्त प्रशासनिक दिशानिर्देश जारी किए जाएं।











