नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने देश की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमताओं और उपग्रह प्रक्षेपण की मांग को पूरा करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। संगठन के अनुसार, वर्ष 2029 तक देश में चार पूर्ण रूप से कार्यात्मक लॉन्च पैड तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे वाणिज्यिक और वैज्ञानिक मिशनों की रवानगी में तेजी आएगी।
इस योजना के तहत तमिलनाडु के कुलशेखरपट्टिनम में छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान के लिए एक समर्पित परिसर का निर्माण कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। यह नया केंद्र विशेष रूप से निजी क्षेत्र और वैश्विक वाणिज्यिक उपग्रहों के त्वरित प्रक्षेपण की जरूरतों को पूरा करेगा, जिससे श्रीहरिकोटा स्थित मुख्य प्रक्षेपण केंद्र पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
चार नए लॉन्च पैड के संचालन में आने के बाद भारत का प्रक्षेपण बुनियादी ढांचा दुनिया के अग्रणी अंतरिक्ष देशों की कतार में और अधिक सुदृढ़ हो जाएगा। इस विस्तार से न केवल वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में देश की हिस्सेदारी बढ़ेगी, बल्कि भविष्य के मानवयुक्त मिशनों और गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण अभियानों के लिए भी मजबूत आधार तैयार होगा।











