नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के तकनीकी परिदृश्य को नई गति देने के लिए एक बड़े अभियान का ऐलान किया है, जिसके तहत आगामी एक वर्ष में एक करोड़ भारतीय युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भविष्योन्मुखी डिजिटल कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा। इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की युवा पीढ़ी को वैश्विक स्तर पर उभरती नई तकनीकों के अनुरूप दक्ष बनाना और उन्हें भविष्य के कार्यक्षेत्र के लिए पूरी तरह तैयार करना है।
इस राष्ट्रव्यापी पहल के तहत देश भर के शिक्षण संस्थानों, कौशल केंद्रों और ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बुनियादी से लेकर एडवांस स्तर तक के एआई पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इस योजना में मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और जेनरेटिव एआई जैसे आधुनिक विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का विशेष जोर इस बात पर है कि बड़े महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के युवाओं को भी यह विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण बिना किसी बाधा के मिल सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है और सही कौशल से लैस होकर यह पीढ़ी देश को वैश्विक स्तर पर एआई क्रांति का अगुवा बना सकती है। इस मिशन से न केवल घरेलू स्तर पर आईटी, स्वास्थ्य, विनिर्माण, कृषि और वित्तीय सेवाओं में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। सरकार उद्योग जगत और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ मिलकर इस लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।










