नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना के अनुशासन, अदम्य साहस और बहुमुखी प्रतिभा की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा है कि देश के वीर जवान सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी तिरंगे की शान बढ़ा रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि भारतीय सशस्त्र बल न केवल युद्ध के मैदान में देश की संप्रभुता की अडिग ढाल हैं, बल्कि खेल के मैदान पर भी अपनी उत्कृष्ट क्षमता का प्रदर्शन कर भारत का परचम लहरा रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि सेना का कठोर प्रशिक्षण, अटूट मानसिक दृढ़ता और राष्ट्र प्रथम की भावना सैनिकों को हर परिस्थिति में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की प्रेरणा देती है। ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिताओं में सैन्य पृष्ठभूमि से आने वाले एथलीटों ने लगातार देश के लिए पदक जीतकर इतिहास रचा है। उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्रालय सेना के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं, वैज्ञानिक कोचिंग और आधुनिक प्रशिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारी सेनाएं आने वाले समय में भी सीमाओं की अभेद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ वैश्विक खेल परिदृश्य में नए रिकॉर्ड स्थापित करेंगी। उन्होंने देश के युवाओं को सैनिकों के जीवन से अनुशासन, निष्ठा और विपरीत परिस्थितियों में विजय प्राप्त करने का संकल्प सीखने का संदेश दिया। रक्षा मंत्री ने वीर सैनिकों और खेल जगत में देश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के प्रति पूरे राष्ट्र की ओर से आभार प्रकट किया।










