नई दिल्ली: कृषि क्षेत्र को मजबूती देने और प्राकृतिक आपदाओं व अन्य परिस्थितियों से प्रभावित किसानों को राहत पहुँचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने राजस्थान और तेलंगाना राज्यों के लिए 605 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता राशि को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों के कृषि बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना और संकट झेल रहे किसान परिवारों को सीधा संबल प्रदान करना है।
स्वीकृत की गई इस धनराशि में से बड़ा हिस्सा प्राकृतिक आपदाओं, असमय वर्षा और सूखा जैसी समस्याओं से प्रभावित फसलों के नुकसान की भरपाई तथा जल संरक्षण योजनाओं के लिए आवंटित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इस राशि का उपयोग आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय मंडियों के आधुनिकीकरण के लिए भी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस बजटीय सहायता से किसानों की लागत कम होगी और उनकी उत्पादकता में सुधार आएगा।
केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए दोनों राज्यों के किसान संगठनों ने इसे समय पर उठाया गया एक राहतकारी कदम बताया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्वीकृत राशि को पारदर्शिता के साथ और बिना किसी विलंब के सीधे लाभार्थियों के खातों व संबंधित विकास परियोजनाओं में हस्तांतरित किया जाए। यह निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और किसानों की आय में स्थिरता लाने के सरकार के व्यापक संकल्प को दर्शाता है।











