नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि भारत ने पिछले 10 से 12 वर्षों के दौरान 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी रेखा से सफलतापूर्वक बाहर निकाला है। उन्होंने इस उपलब्धि को देश के विकास मॉडल और समावेशी नीतियों की ऐतिहासिक सफलता करार दिया।
प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि गरीबों के कल्याण को केंद्र में रखकर चलाई जा रही योजनाओं—जैसे पक्के आवास, स्वच्छ पेयजल, निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा, शौचालय निर्माण और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी)—ने देश के सबसे वंचित तबके को आर्थिक और सामाजिक संबल प्रदान किया है। इन लक्षित पहलों के परिणामस्वरूप गरीब परिवारों के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव आया है और उनकी बुनियादी जरूरतों की पूर्ति सुनिश्चित हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की यह सफलता वैश्विक स्तर पर गरीबी उन्मूलन के प्रयासों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सशक्त और आत्मनिर्भर बन रहा यह नया मध्यम वर्ग देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को तेजी से पूरा करने में मुख्य संवाहक सिद्ध होगा। सरकार विकास की इस गति को निरंतर बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।











