रियाद: मक्का के बाद अब पवित्र शहर मदीना को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमले की खबर से खाड़ी क्षेत्र के सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद क्षेत्रीय हवाई सुरक्षा तंत्र को तुरंत हाई अलर्ट पर ला दिया गया। हालांकि, हमलों को लेकर लगे आरोपों के बीच हूती विद्रोहियों ने आधिकारिक बयान जारी कर मदीना पर किसी भी प्रकार के मिसाइल प्रहार में अपनी संलिप्तता होने से साफ इनकार किया है।
स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, हवा में संदिग्ध प्रक्षेपास्त्र की गतिविधि दर्ज होते ही रक्षा प्रणालियों ने सतर्कता बरतते हुए आवश्यक कदम उठाए, जिससे संभावित खतरे को नियंत्रित किया जा सके। हमले की दिशा और इसके स्रोत की सटीक जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञ साक्ष्य जुटाने में जुटे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रक्षेपास्त्र कहां से दागा गया था और इसके पीछे कौन-सा गुट जिम्मेदार था।
हूती संगठन द्वारा जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के बाद इस घटनाक्रम ने सुरक्षा विश्लेषकों को चौंका दिया है। संवेदनशील धार्मिक स्थलों के समीप लगातार हो रही इन घटनाओं के मद्देनजर खाड़ी क्षेत्र में तनाव गहराने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि क्या यह किसी अन्य विद्रोही गुट की कार्रवाई थी या इसके पीछे कोई नई रणनीतिक साजिश सक्रिय है।











