देश में एलपीजी गैस की संभावित कमी को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं है। सरकारी सूत्रों के अनुसार देश में एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और तेल रिफाइनरियों को पहले ही उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए जा चुके थे। इन निर्देशों के बाद रिफाइनरियों ने एलपीजी उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
हाल ही में कुछ जगहों से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी की आशंका जताई गई थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने एसेंशियल कमोडिटी एक्ट के तहत कड़े प्रावधान लागू किए हैं। साथ ही एलपीजी वितरण की निगरानी अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है ताकि डिलीवरी प्रक्रिया में कोई अनियमितता न हो।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि देश की सभी प्रमुख रिफाइनरियां इस समय 100 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रही हैं। ऊर्जा मंत्रालय और तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ता देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। अधिकारियों ने माना कि भू-राजनीतिक तनाव का वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर जरूर पड़ा है, लेकिन कई अन्य देशों की तुलना में भारत की स्थिति बेहतर है।
सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें क्योंकि इससे अनावश्यक घबराहट पैदा होती है। घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की जरूरतें सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और गैस आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है।











