मध्य पूर्व में छिड़े युद्ध के बीच एक दिलचस्प कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संदेशवाहक की भूमिका निभा रहा है — वाशिंगटन के संदेश तेहरान तक और तेहरान के जवाब वाशिंगटन तक पहुंचा रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिफ मुनीर से फोन पर बातचीत की।
व्हाइट हाउस के मुताबिक इस बातचीत का मुख्य विषय ईरान युद्ध था। हालांकि इसे संवेदनशील कूटनीतिक चर्चा बताते हुए अधिकारियों ने विस्तार से बताने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ने खुद को अमेरिकी और ईरानी वरिष्ठ अधिकारियों के बीच संभावित वार्ता की जगह के रूप में पेश किया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से भी बात की। उन्होंने खाड़ी क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा की और तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति की जरूरत पर सहमति जताई। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि तेहरान के साथ बेहतर बातचीत के बाद उन्होंने हमले को पांच दिनों तक टालने की घोषणा की थी।
ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से इनकार किया है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने माना कि कुछ मित्र देशों के माध्यम से संदेश मिले हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यह कूटनीतिक प्रयास अभी शुरुआती चरण में है और इसे पूरी तरह संरचित वार्ता नहीं माना जा सकता।











