वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन के लिए भारत ने कसी कमर, युवाओं की ट्रेनिंग तेज़!

नई दिल्ली: कौशल विकास के सबसे बड़े वैश्विक महाकुंभ ‘वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन 2026’ में भारत के कड़क और ऐतिहासिक प्रदर्शन को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी तैयारियां बेहद तेज कर दी हैं। चीन के शंघाई शहर में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित वैश्विक मुकाबले के लिए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने देश के सर्वश्रेष्ठ हुनरमंद युवाओं को शॉर्टलिस्ट करके उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का कड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दुनिया के सामने भारतीय युवाओं की तकनीकी और कौशल क्षमता का लोहा मनवाना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘कुशल भारत, समृद्ध भारत’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने देश के शीर्ष औद्योगिक और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर एक कड़ा रोडमैप तैयार किया है। रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भारत की ओर से चुने गए जांबाज युवा दिन-रात कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। इन प्रतिभागियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने के लिए दुनिया भर के प्रसिद्ध मेंटर्स और ट्रेनर्स की मदद ली जा रही है, ताकि शंघाई के मंच पर भारतीय टीम का मुकाबला करने के लिए ‘बेंच स्ट्रेंथ’ एकदम अजेय रहे।

भारत सरकार की यह कड़क और रणनीतिक तैयारी उन पश्चिमी आलोचकों और वामपंथी टूलकिट सिंडिकेट्स के मुंह पर करारा तमाचा है, जो लगातार भारत की जनसांख्यिकीय क्षमता और युवाओं के कौशल स्तर पर झूठे और भ्रामक सवाल उठाते रहे हैं। ‘नेशन फर्स्ट’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा नया भारत अब केवल सस्ते श्रम का केंद्र नहीं, बल्कि उच्च-तकनीकी कौशल का वैश्विक लीडर बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। शंघाई में होने जा रहा यह मुकाबला यह साफ कर देगा कि वैश्विक तकनीकी क्रांति और इनोवेशन के क्षेत्र में भारतीय युवाओं का कड़क कौशल दुनिया में सबसे सर्वश्रेष्ठ और अजेय है।

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