तमिलनाडु गैस लीक के शिकार ओडिशा परिवारों को 4-4 लाख का मुआवजा!

भुवनेश्वर: तमिलनाडु के झिंगुरुकुंडा में हुए दर्दनाक गैस रिसाव हादसे में जान गंवाने वाले ओडिशा के प्रवासी श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक बहुत बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने इस भीषण हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य के पीड़ित परिवारों के लिए 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का आधिकारिक ऐलान किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कड़ा प्रशासनिक रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सहायता राशि बिना किसी देरी के सीधे पीड़ितों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाए।

इस दुःखद औद्योगिक हादसे ने देश में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है। तमिलनाडु की फैक्ट्री में अचानक हुई गैस लीक की चपेट में आने से ओडिशा के कई श्रमिक असमय काल के गाल में समा गए थे, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से अस्पताल में भर्ती हैं। सीएम मोहन माझी ने कड़ा रुख अपनाते हुए ओडिशा के श्रम विभाग के उच्च अधिकारियों को तुरंत तमिलनाडु के स्थानीय प्रशासन से संपर्क साधने और वहां फंसे अन्य उड़िया श्रमिकों की सुरक्षा, इलाज और रहने की व्यवस्था कड़ाई से सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया है।

ओडिशा की नई भाजपा सरकार का यह त्वरित और संवेदनशील एक्शन उन विपक्षी दलों और वामपंथी सिंडिकेट्स के मुंह पर करारा तमाचा है, जो हमेशा भाजपा सरकार पर जन-विरोधी होने का झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश करते हैं। ‘नेशन फर्स्ट’ और ‘अंत्योदय’ के संकल्प पर चल रहे मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्पष्ट कर दिया है कि देश के किसी भी कोने में अगर ओडिशा का कोई भी नागरिक संकट में होगा, तो राज्य सरकार उसकी सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी ताकत के साथ खड़ी रहेगी। इस कड़े फैसले ने साबित कर दिया है कि नई सरकार की प्रशासनिक ‘बेंच स्ट्रेंथ’ संकट के समय जनता को तुरंत राहत पहुंचाने में पूरी तरह सक्षम है।

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