दलाई लामा के 91वें जन्मदिन पर पीएम मोदी ने दी कड़क बधाई, चीन को झटका!

नई दिल्ली/धर्मशाला: तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु और शांति के वैश्विक प्रतीक परम पावन दलाई लामा के 91वें जन्मदिन के पावन अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश-दुनिया के कई कद्दावर नेताओं ने उन्हें दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कड़क शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने सार्वजनिक रूप से दलाई लामा से फोन पर बात कर उन्हें बधाई संदेश दिया, जिसकी जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर साझा की। वैश्विक मंच पर भारत के इस कड़े रुख ने तिब्बती समुदाय में भारी उत्साह भर दिया है, वहीं दूसरी तरफ तिब्बत पर अवैध कब्जा जमाए बैठे चीन के सत्ताधारी कम्युस्ट सिंडिकेट के खेमे में भयंकर छटपटाहट और सन्नाटा पसर गया है।

दलाई लामा के इस ऐतिहासिक जन्मदिन समारोह को लेकर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला (मैकलोडगंज) में तिब्बती निर्वासित सरकार द्वारा कड़े और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भारत सरकार के इस खुले और कड़क राजनयिक समर्थन के बीच केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और विपक्ष के शीर्ष नेताओं ने भी दलाई लामा को भारत का एक अनमोल और श्रद्धेय अतिथि बताते हुए उनके शांति और करुणा के संदेश की सराहना की। इस हाई-प्रोफाइल बधाई संदेश के बाद बीजिंग के सरकारी मीडिया और चीनी राजनयिकों के पेट में मरोड़ उठना तय माना जा रहा है, जो हमेशा दलाई लामा से भारतीय नेताओं की मुलाकातों पर अनाधिकृत आपत्ति जताते आए हैं।

पीएम मोदी का यह कड़ा और साहसिक कदम उन वामपंथी टूलकिट सिंडिकेट्स और चीनी पैरोकारों के मुंह पर सबसे करारा तमाचा है, जो भारत की तिब्बत नीति को लेकर हमेशा कमजोर और रक्षात्मक होने का झूठा नैरेटिव गढ़ते थे। ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) की विदेश नीति पर चल रहे नए भारत ने कड़ा स्टैंड लेते हुए साफ कर दिया है कि वह अपनी सांस्कृतिक विरासत और रणनीतिक बेंच स्ट्रेंथ के प्रदर्शन में किसी भी विस्तारवादी ताकत के दबाव में नहीं आने वाला है। दलाई लामा को भारत की धरती से मिला यह कड़क और वैश्विक सम्मान साफ संदेश देता है कि आध्यात्मिक और कूटनीतिक मोर्चे पर भारत आज पूरी तरह फ्रंट-फुट पर खेल रहा है।

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