नई दिल्ली: भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के हालिया बयानों के बाद पाकिस्तान की ओर से आई तीखी प्रतिक्रिया पर भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ा और संतुलित रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने नियमित प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की इस प्रकार की अनावश्यक बौखलाहट और बेचैनी पर भारत को कोई औपचारिक टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है।
अमेरिकी राजदूत ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा के संदर्भ में दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों की सराहना की थी। उन्होंने नई दिल्ली के वैश्विक प्रभाव और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत के दृढ़ रुख का भी उल्लेख किया था। इन टिप्पणियों से असहज हुए पाकिस्तान ने राजनयिक स्तर पर आपत्ति जताने की कोशिश की, जिसे भारत ने एक बार फिर पड़ोसी देश की पुरानी आदत और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ध्यान खींचने का निरर्थक प्रयास करार दिया।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने रेखांकित किया कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी विश्वास और द्विपक्षीय हितों पर आधारित हैं। प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देश किसी तीसरे पक्ष की बयानबाजी की परवाह किए बिना वैश्विक स्थिरता, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और तकनीकी सहयोग की दिशा में अपने संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाना जारी रखेंगे।











