बोरगो एन्याज़िया (इटली): इटली में चल रहे हाई-प्रोफाइल जी-7 (G-7) शिखर सम्मेलन के वैश्विक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्कों के सामने भारत का बेहद कड़ा और आक्रामक ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) नैरेटिव रख दिया है। ओमान तट और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हालिया हमलों और उनमें भारतीय नाविकों की दुखद मौत का मुद्दा उठाते हुए पीएम मोदी ने वैश्विक मंच को हिलाकर रख दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने साफ-साफ शब्दों में दुनिया को चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। पीएम मोदी ने समुद्री आतंकवाद और वैश्विक सप्लाई चेन को निशाना बनाने वाले आतंकी सिंडिकेट्स पर सीधा प्रहार किया। प्रधानमंत्री के ठीक बगल में बैठे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पश्चिमी देशों के राष्ट्राध्यक्षों के सामने भारत ने साफ कर दिया कि समुद्र में भारतीय जहाजों को निशाना बनाने वाली ताकतों को कड़ा सबक सिखाना होगा।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा अमेरिकी नौसेना के रवैये पर जताए गए कड़े विरोध के बाद, पीएम मोदी का वैश्विक मंच पर यह आक्रामक रुख साफ दिखाता है कि नए भारत की कूटनीति अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि पूरी तरह फ्रंट-फुट पर आकर खेलने की है। इस कूटनीतिक कड़ाई का असर समिट में साफ देखने को मिला, जहां डोनाल्ड ट्रंप समेत जी-7 देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना की बढ़ती ‘बेंच स्ट्रेंथ’ और सामरिक भूमिका का लोहा माना। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि भारत अपनी समुद्री संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।











