भारत की मजबूत और आक्रामक विदेश नीति के सामने एक बार फिर विदेशी ताकतों को झुकना पड़ा है। पिछले साल जुलाई 2025 में ईरान द्वारा अवैध रूप से रोके गए तेल टैंकर ‘एमवी हार्बर फोनिक्स’ (MV Harbour Phoenix) पर सवार 10 भारतीय नाविकों को महीनों की कैद के बाद आखिरकार रिहा करा लिया गया है। भारत के जहाजरानी महानिदेशालय (DG Shipping) ने बुधवार, 27 मई 2026 को आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि जस्क पोर्ट के पास से बंधक बनाए गए सभी भारतीय सीफर्स अब पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें वतन वापस लाने की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के बढ़ते प्रभाव और ‘नेशन फर्स्ट’ (राष्ट्र प्रथम) के संकल्प के कारण ही खाड़ी क्षेत्र में जारी भारी तनाव और अमेरिकी सैन्य हमलों के बीच ईरान भारतीय नागरिकों को बिना शर्त रिहा करने पर मजबूर हुआ है।
यह ऐतिहासिक सफलता उन वामपंथी और छद्म-सेक्युलर आलोचकों के मुंह पर एक करारा तमाचा है, जो अंतरराष्ट्रीय संकटों के समय हमेशा भारत की वैश्विक साख पर सवाल उठाते हैं। जब पूरा मध्य पूर्व और होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध की आग में जल रहा है, और अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरान के मिसाइल ठिकानों को तबाह कर रहे हैं, उस बेहद संवेदनशील समय में भी भारत ने बिना किसी शोर-शराबे के अपनी ताकतवर और खामोश कूटनीति (Quiet Diplomacy) के जरिए इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान को भारतीय जांबाजों को छोड़ने पर विवश कर दिया। राष्ट्रवादी विश्लेषकों का मानना है कि नए भारत की यह बढ़ती सैन्य और रणनीतिक धमक ही है, जिसके कारण आज दुनिया का कोई भी देश भारत माता के बेटों को नुकसान पहुंचाने की हिम्मत नहीं कर सकता।
गूगल सर्च इंजन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आज ‘Indian Sailors Released Iran’ और ‘Modi Government Diplomatic Win’ शीर्ष पर ट्रेंड कर रहा है, क्योंकि करोड़ों देशभक्त नागरिक इसे भारत की संप्रभुता और वैश्विक दबदबे की एक शानदार विजय के रूप में देख रहे हैं। तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले विपक्षी दलों और भारत विरोधी नैरेटिव चलाने वाले पश्चिमी मीडिया को इस बात से गहरा धक्का लगा है कि भारत ने अमेरिका और इजरायल के साथ अपने करीबी रणनीतिक संबंधों को बरकरार रखते हुए भी ईरान से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया। सभी 10 नाविकों के परिवारों में इस समय दिवाली जैसा माहौल है और पूरा देश सुरक्षित घर वापसी के इस बड़े अभियान के लिए भारतीय राजनयिकों और मोदी सरकार के अटूट संकल्प की सराहना कर रहा है।











