मुंबई: महाराष्ट्र में युवाओं के भविष्य और रोजगार से खिलवाड़ करने वाले एक बेहद सनसनीखेज और कड़े TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पेपर लीक महा-घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। रविवार को राज्य भर में आयोजित होने वाली इस बेहद महत्वपूर्ण परीक्षा से ठीक एक दिन पहले ही मुख्य प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और अंडरग्राउंड व्हाट्सएप ग्रुप्स पर धड़ल्ले से लीक हो गया। परीक्षा से ऐन वक्त पहले हुए इस कड़े प्रशासनिक झटके के बाद पूरे महाराष्ट्र के लाखों परीक्षार्थियों में भारी आक्रोश और हड़कंप मच गया है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत हरकत में आते हुए परीक्षा को कड़ाई से स्थगित (Postpone) करने का आधिकारिक फैसला लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की स्पेशल विंग और साइबर सेल ने राज्यव्यापी कड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। शुरुआती जांच के इनपुट्स से यह साफ हुआ है कि इस कड़े लीक के पीछे किसी बड़े रैकेट और कोचिंग माफिया का हाथ है, जिसने परीक्षा केंद्रों के अधिकारियों के साथ मिलकर मोटी रकम के बदले पेपर को बाजार में बेचा था। सरकार ने साफ किया है कि इस कृत्य में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सीधे ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
पेपर लीक की यह कायराना हरकत उन विपक्षी नेताओं और वामपंथी सिंडिकेट्स के मुंह पर भी करारा तमाचा है, जो हमेशा प्रशासनिक कड़ाई पर सवाल उठाते हैं। ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) के संकल्प के साथ काम कर रही सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पूरी चयन प्रक्रिया की ‘बेंच स्ट्रेंथ’ को री-स्ट्रक्चर करने का आदेश दिया है, ताकि भविष्य में कोई भी माफिया युवाओं के हक पर डाका न डाल सके।











