चढ़ावा चोरी केस में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि, राम भक्तों में भारी आक्रोश!

अयोध्या/नई दिल्ली: राम जन्मभूमि अयोध्या से इस वक्त की सबसे बड़ी, सनसनीखेज और सनातन समाज को झकझोर कर रख देने वाली कड़क खबर सामने आ रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर मचे कथित ‘चढ़ावा चोरी’ और वित्तीय अनियमितताओं के महा-विवाद के बाद आखिरकार एक बहुत बड़ा प्रशासनिक विस्फोट हो गया है। सूत्रों के हवाले से आ रही बेहद पक्की और कड़ाई से पुख्ता खबरों के मुताबिक, राम मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और वरिष्ठ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है। राम लला के दरबार में हुए इस कथित घोटाले और इस्तीफों की पुष्टि के बाद पूरे देश के राम भक्तों में भारी आक्रोश और हड़कंप मच गया है।

राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कड़ा उबाल आ गया है। पिछले कुछ समय से मंदिर के चढ़ावे, वीआईपी पास के नाम पर होने वाली कथित अवैध वसूली और जमीनों के लेन-देन को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसियों और आंतरिक ऑडिट विंग को कई गंभीर इनपुट्स मिले थे। इसी कड़े प्रशासनिक दबाव और राम मंदिर की पवित्रता पर उठते सवालों के बीच, ट्रस्ट की एक हाई-प्रोफाइल आपातकालीन बैठक में इन दोनों कद्दावर पदाधिकारियों के इस्तीफे की कड़ाई से पुष्टि कर दी गई है।

यह ताजा प्रशासनिक कार्रवाई उन वामपंथी टूलकिट सिंडिकेट्स और सनातन-विरोधी गिरोहों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो इस विवाद की आड़ में पूरे राम मंदिर आंदोलन और करोड़ों हिंदुओं की आस्था को बदनाम करने का ओछा एजेंडा चला रहे थे। ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) और भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर चल रही सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि प्रभु श्री राम के चरणों में अर्पित एक-एक पैसे का हिसाब पूरी पारदर्शिता के साथ रखा जाएगा, और पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा। ट्रस्ट की ‘बेंच स्ट्रेंथ’ को री-स्ट्रक्चर करने और नए, निष्पक्ष चेहरों को शामिल करने की कवायद अब बेहद आक्रामक गति से तेज कर दी गई है।

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