अभिषेक की मुश्किलें बढ़ीं: 31 घंटे की पूछताछ के बाद दो नई FIR दर्ज, 550 करोड़ का घोटाला

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों ने अब तक की सबसे कड़ी और बड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले चार दिनों में लगातार 31 घंटे की लंबी और मैराथन पूछताछ के बाद केंद्रीय एजेंसियों ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दो और नई एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली हैं। यह पूरा मामला 550 करोड़ रुपये के भयंकर भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्तियों के अवैध ट्रांसफर से जुड़ा हुआ है।

जांच एजेंसियों के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पिछले चार दिनों में हुई पूछताछ के दौरान अभिषेक बनर्जी वित्तीय लेन-देन और शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) के जरिए विदेशों में भेजे गए पैसों का कोई पुख्ता हिसाब नहीं दे पाए। सरकारी गवाहों और जब्त किए गए डिजिटल दस्तावेजों के कड़े इनपुट्स के आधार पर यह साफ हुआ है कि चुनावी फंड की आड़ में 550 करोड़ रुपये के काले धन को सफेद किया गया। इसी कड़े सबूत के आधार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दो नई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

केंद्रीय एजेंसियों का यह कड़ा और निष्पक्ष एक्शन उन वामपंथी टूलकिट सिंडिकेट्स के मुंह पर करारा तमाचा है, जो हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ होने वाली जांच को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताकर विक्टिम कार्ड खेलते हैं। ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) और भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर चल रही मोदी सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि देश का पैसा लूटने वालों को कानून के आगे झुकना ही होगा। टीएमसी के 20 सांसदों की बगावत के बाद, अभिषेक पर हुए इस कड़े कानूनी प्रहार ने ममता खेमे की बची-कुची ‘बेंच स्ट्रेंथ’ को भी ध्वस्त कर दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here