गुलमर्ग में बड़ा हादसा टला: गोंडोला रोपवे में तकनीकी खराबी के बाद हवा में फंसे सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया

जम्मू-कश्मीर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग से एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहाँ एशिया के सबसे ऊंचे और बड़े रोपवे ‘गुलमर्ग गोंडोला’ (Gulmarg Gondola) में अचानक आई तकनीकी खराबी के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। मंगलवार, 26 मई 2026 को दोपहर के समय अचानक बिजली की आपूर्ति ठप होने और तकनीकी गियर में आई खराबी के कारण गोंडोला की केबल कारें हवा में ही रुक गईं। इस वजह से कोंगडोोरी (पहले चरण) और अफरावत (दूसरे चरण) के बीच सैकड़ों पर्यटक आसमान में ही फंस गए। बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच हवा में केबल कार रुकते ही पर्यटकों में हड़कंप मच गया और वे मदद की गुहार लगाने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही जम्मू-कश्मीर केबल कार कॉर्पोरेशन, स्थानीय प्रशासन, पर्यटन पुलिस और सेना के जवानों ने तुरंत कमान संभाली और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह तकनीकी खराबी अचानक आई बिजली की ट्रिपिंग के कारण हुई थी, जिसने रोपवे के ऑटोमैटिक कंट्रोल सिस्टम को पूरी तरह से ठप कर दिया था। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने तुरंत वैकल्पिक सिस्टम और मैनुअल रेस्क्यू ऑपरेशंस का इस्तेमाल करते हुए हवा में लटके सभी केबिनों को धीरे-धीरे सुरक्षित स्टेशनों तक पहुँचाया। लगभग दो से तीन घंटे तक चले इस कड़े और जोखिम भरे ऑपरेशन के बाद केबिनों में फंसे बच्चों और बुजुर्गों समेत सभी पर्यटकों को सुरक्षित जमीन पर उतार लिया गया। अधिकारियों ने आधिकारिक पुष्टि की है कि इस पूरी घटना में किसी भी पर्यटक को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। जमीन पर उतरते ही पर्यटकों ने राहत की सांस ली और बचाव दल की मुस्तैदी व बहादुरी के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

गुलमर्ग गोंडोला दुनिया के सबसे खूबसूरत और लोकप्रिय रोपवे में से एक है, जिसे देखने के लिए रोजाना हजारों की संख्या में देश-विदेश से पर्यटक यहाँ पहुँचते हैं। इस घटना के तुरंत बाद सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए गोंडोला रोपवे की सेवाओं को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। तकनीकी इंजीनियरों की एक विशेष टीम खराबी के सही कारणों की जांच कर रही है और पूरे सिस्टम का सेफ्टी ऑडिट किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि जब तक पूरे रोपवे तंत्र की गहन जांच नहीं हो जाती और सुरक्षा का शत-प्रतिशत प्रमाण नहीं मिल जाता, तब तक पर्यटकों के लिए इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा।

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