अयोध्या/नई दिल्ली: भव्य राम मंदिर में ‘चढ़ावा चोरी’ और वित्तीय गबन के महा-खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद आक्रामक और कड़ा रुख अपना लिया है। परिसर के भीतर सुरक्षा में लगी बड़ी सेंधमारी को देखते हुए राम मंदिर का सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पूरी तरह बदल दिया गया है। नई कड़क गाइडलाइंस के तहत अब मंदिर परिसर में प्रवेश करने वाले और बाहर जाने वाले हर एक पदाधिकारी, कर्मचारी, पुजारी और सेवादार की दोहरी चेकिंग (Double Checking) और अनिवार्य शारीरिक तलाशी ली जा रही है। इस कड़े प्रशासनिक आदेश के बाद आंतरिक तंत्र में भयंकर हड़कंप मच गया है।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में सुरक्षा प्रोटोकॉल और कैश हैंडलिंग की भयंकर कमियां उजागर होने के बाद काउंटिंग हॉल (पैसा गिनने वाले कमरे) को पूरी तरह एक किले में तब्दील कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी कर्मचारी या सुरक्षाकर्मी काउंटिंग हॉल के भीतर मोबाइल, डिजिटल गैजेट्स, बैग या किसी भी तरह की निजी वस्तुएं कड़ाई से नहीं ले जा सकेगा, यहाँ तक कि जूते-चप्पल भी हॉल के बाहर ही उतारने अनिवार्य कर दिए गए हैं। सबसे बड़ा और कड़ा बदलाव यह हुआ है कि अब पैसों की गिनती कुर्सी-मेज के बजाय जमीन पर बैठकर की जाएगी ताकि सीसीटीवी कैमरों (CCTV Surveillance) के जरिए हर एक हरकत पर पैनी नजर रखी जा सके और इसकी रिकॉर्डिंग को 180 दिनों तक डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रखा जाएगा।
प्रशासन का यह कड़ा और त्वरित एक्शन उन वामपंथी टूलकिट सिंडिकेट्स और सनातन-विरोधी गिरोहों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो इस आंतरिक सुरक्षा चूक की आड़ में रामलला के मंदिर की संप्रभुता पर सवाल उठा रहे थे। ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) और भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति के तहत मंदिर परिसर में तैनात करीब 400 निजी सुरक्षाकर्मियों की भूमिका, उनकी ड्यूटी रोस्टर और पिछले 6 महीनों के सीसीटीवी फुटेज को कड़ाई से खंगाला जा रहा है। सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि प्रभु श्री राम के चरणों में अर्पित एक-एक पैसे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा की ‘बेंच स्ट्रेंथ’ को पूरी तरह री-स्ट्रक्चर किया जा रहा है और लापरवाही बरतने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा।









