नई दिल्ली/लखनऊ: मुहर्रम के पवित्र मौके पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान एक बेहद सनसनीखेज, खौफनाक और इंसानियत को झकझोर देने वाली साजिश का पर्दाफाश हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी के कारण एक बहुत बड़ा कड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने मुहर्रम जुलूस में शामिल अकीदतमंदों और आम जनता को चूहे मारने की दवा (Rat Poison) से भरे कैप्सूल बांटने के आरोप में एक शख्स को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इस कड़े और त्वरित एक्शन के बाद इलाके में भयंकर हड़कंप मच गया है और पुलिस सुरक्षा के कड़े इंतजाम लागू कर दिए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की खुफिया विंग और क्राइम ब्रांच ने आरोपी को कड़ाई से हिरासत में लेकर मैराथन पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती इनपुट्स के मुताबिक, आरोपी जुलूस के दौरान तबर्रुक या दवा के नाम पर लोगों को ये जहरीले कैप्सूल बांट रहा था। कुछ सतर्क लोगों को जब कैप्सूल की गंध और आरोपी की हरकतों पर शक हुआ, तो उन्होंने तुरंत पास में तैनात सुरक्षाबलों को इसकी कड़क जानकारी दी। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी को दबोचा और उसके पास से भारी मात्रा में जहरीले कैप्सूल बरामद किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया गया है।
पुलिस का यह त्वरित और निष्पक्ष एक्शन उन अराजक तत्वों और वामपंथी टूलकिट सिंडिकेट्स के मुंह पर करारा तमाचा है, जो ऐसे धार्मिक आयोजनों में कानून-व्यवस्था पर झूठे सवाल उठाकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का एजेंडा चलाते हैं। ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) और त्योहारों की सुरक्षा को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर चल रही सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि किसी भी धार्मिक आयोजन में जहर घोलने वाले और शांति भंग करने वाले अपराधियों को कड़ाई से कुचला जाएगा। सुरक्षा बलों की कड़क ‘बेंच स्ट्रेंथ’ और मुस्तैदी के कारण एक बड़ी साजिश समय रहते नाकाम कर दी गई है।











